Ep25: कब्रिस्तान वाली गुड़िया.

दास्तान खौफ की

May 26 2022 • 12 mins

कब्रिस्तान वाली गुड़िया

आज ही के दिन एक साल पहले सरफराज के बाबूजी ने आखरी सांस ली थी. इतना वक्त बीतने के बाद बात भी सरफराज को हर वक्त अपने पिता की कमी महसूस होती रहती थी, वह अपने ऑफिस से वापस घर की ओर लौट रहा था तो न जाने क्यों उसके मन में ख्याल आया कि वह उसी कब्रिस्तान के रास्ते से घर वापस आए जहां बाबूजी को दफनाया था. रात का वक्त, पूरी तरह सुनसान. सन्नाटा इतना की हवा के झोके से पेड़ से गिरने वाले पत्तो की आवाज भी उसे साफ सुनाई दे रही थी. जब सरफराज कब्रिस्तान के करीब पहुंचा तो उसकी बाइक की स्पीड कम हो गई. एक पल के लिए उसने सोचा कि वह आगे बढ़ जाए लेकिन दिल में डूबते उतराते जज्बातों ने उसे रुकने के लिए मजबूर कर दिया. सरफराज ने बाइक साइड में लगाई और यही कोई 20 कदम आगे बढ़ के वह कब्रिस्तान में उस कब्र को देखने लगा जहां उसने बाबू जी बाबूजी को दफनाया था.  जब वह वापस बाहर आने के लिए पीछे मुडा. तब उसे एक चबूतरे पर पर बैठी एक छोटी सी   गुड़िया दिखाई दी.

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