व्यसनों का परित्याग

भीष्म नीति Bheeshma Neeti

11-07-2022 • 51 seconds

एक आदर्श राजा को समस्त व्यसनों का परित्याग कर देना चाहिये और उनके ऊपर आसक्ति नहीं रखनी चाहिये और उनसे उदासीन रहना चाहिये और सबके साथ द्वेषपूर्वक व्यवहार नहीं करना चाहिये क्योंकि,

लोकस्य व्यसनी नित्यं परिभूतो भवत्युत।

उद्वेजयति लोकं च योऽतिद्वेषी महीपतिः।।

व्यसनों में आसक्त हुआ राजा सदा सभी लोगों के लिये अनादर का पात्र होता है और जो राजा सभी के प्रति द्वेष रखता है, वह सभी लोगों को व्याकुल कर देता है।