दया

भीष्म नीति Bheeshma Neeti

04-07-2022 • 54 seconds

भीष्म पितामह कहते हैं कि रेत, जल, पृथ्वी, वन, पर्वत और मनुष्य - इन छः प्रकार के दुर्गों में मनुष्य दुर्ग सबसे प्रधान है। उक्त सभी दुर्गों में मानव दुर्ग को जीत पाना सबसे कठिन माना गया है।

तस्मान्नित्यं दया कार्या चातुर्वर्ण्ये विपश्चिताः।

धर्मात्मा सत्यवाक् चैव राजा रंजयति प्रजाः।।

अर्थात् विद्वान राजा को चारों वर्णों पर सदा दया करनी चाहिये। इस प्रकार दयालु, धर्मात्मा और सत्यवादी नरेश ही प्रजा को प्रसन्न रख पाता है।